क्यों महाराष्ट्र में रची जा रही थी अयोध्या पर हमला करने की साजिश !

Nandani Goswami
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एंटी टेररिस्ट स्क्वाड को सूचना मिल रही थी के अयोध्या में भगवान राम के प्राण – प्रतिष्ठा समारोह के पहले मुस्लिम युवकों द्वारा षड्यंत्र रचा जा रहा है। एटीएस ने इस सम्बन्ध में एफआईआर दर्ज करके कार्रवाई शुरू की। और सभी सुरक्षा एजेंसियां पूरी सक्रियता बरत रही हैं। जहा ATS भी हर छोटी सूचना को पूरी गंभीरता से लेकर छानबीन में जुटा है इंटरनेट मीडिया पर सक्रिय औरंगाबाद के संदिग्ध आतंकियों के एक ग्रुप की छानबीन तेज की गई है.

महाराष्ट्र के औरंगाबाद मंडल में 11 अनिश्चित मुस्लिम युवकों के ठिकानों पर छापा मारा। और 15 से 18 जनवरी के मध्य पूछताछ के लिए लखनऊ स्थित एटीएस मुख्यालय बुलाया है। जहा एटीएस को मौके से कुछ मोबाइल फोन मिले हैं। इन सभी मोबाइल फोन की जांच की जा रही है। इन सभी को नोटिस भी भेजा गया है। और अयोध्या में सुरक्षा को लेकर एजेंसियां अलर्ट की गई हैं। इस बीच यूपी एटीएस ने अयोध्या में आतंकी हमले की साजिश को लेकर बड़ा खुलासा किया है। एटीएस की मानें तो औरंगाबाद में रची जा रही थी अयोध्या पे हमले की साजिश।

अयोध्या पे हमले की साजिश

अयोध्या में प्राण प्रतिष्ठा से पहले कुछ युवक विशिष्ट समुदाय के लोगों को भड़का रहे थे। उनका मकसद था कि मंदिर की प्राण–प्रतिष्ठा से पहले बड़ी वारदात करने का। एटीएस की माने तो सभी संदिग्ध सोशल मीडिया पर सक्रिय थे। आईएस के समर्थन में औरंगाबाद के निवासी झांसी के जिबरान मकरानी नाम के युवक ने सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट किया था जिसे सभी ने शेयर किया था। उसके बाद मकरानी को बुधवार को गिरफ्तार कर लिया। उसके बाद एक ऐसी पोस्ट भी सामने आई थी, जिसमें लिखा था कि ‘… मुसलमानों को जगाना होगा। जिहाद मेरे खून में है। कुर्बानी से नहीं डरेंगे। चुनी हुई सरकार मुसलमानों पर मनमानी करती हैं। बाबरी मस्जिद के फैसले से नाराज हूं। बदले की चाहत है। ओसामा बिन लादिन और बुरहान वानी मेरे आदर्श हैं’।

सुरक्षा को लेकर एजेंसियां अलर्ट की गई हैं।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मौजूदगी में अयोध्या के प्रस्थापित समारोह को देखते हुए एटीएस द्वारा तरह तरह के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सावधानी दृष्टि रखी जा रही है। एडीजी एटीएस मोहित अग्रवाल मीडिया के विभिन्न प्लेटफार्म पर तीव्रता से निगरानी की जा रही है। इसी दौरान जिबरान की पोस्ट भी सामने आई, जिसके बाद आरोपित ने पोस्ट डिलीट कर दिया था। उसकी पोस्ट से स्पष्ट था कि उसने धार्मिक उन्माद भड़काने की दृष्टि से ऐसा किया गया है। उसके बाद एटीएस ने जिबरान को गिरफ्तार कर उसके विरुद्ध झांसी की नगर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया है। उन्होंने कहा की मुस्लिम समुदाय के लोग राम मंदिर को निस्तेनाबूत कर दें, जैसा हमारे बुजुर्गों ने किया था। जिबरान के मोबाइल फोन में बाबरी मस्जिद विध्वंस, इजराइल पर हुए आतंकी हमले व पीएफआइ के समर्थन वाली कई पोस्ट की स्क्रीनशाट मिले हैं। पूछताछ में उसने इन भड़काऊ पोस्ट के स्क्रीनशाट का इंटरनेट मीडिया पर प्रसार करने की बात भी स्वीकार की। एटीएस ने जिबरान को गिरफ्तार कर उसके विरुद्ध झांसी की नगर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया है। उसके कब्जे से एक मोबाइल व तीन सिम बरामद हुए हैं।और अयोध्या समेत अन्य शहरों में दहशत फैलाने के लिए षड्यंत्र रचा जा रहा है।

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